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Osho: Can the name of an India-born spiritual guru become a European trademark?

Osho: Can the name of an India-born spiritual guru become a European trademark?

Remember the patent and trademark battles that India fought in the United States over basmati and turmeric?

One intense battle of similar vintage that no one outside the Osho community really cared about was over the rights to trademark Osho in the European Union. Can the name of an India-born spiritual guru become a European trademark?

On October 11, the General Court of the European Union in Luxembourg delivered a judgment upholding the ownership of the OSHO trademark by Osho International Foundation (OIF), an organisation under Swiss law, headquartered in Zurich.

ओशो गोल्ड मेडलिस्ट हैं ।

मित्रों 
ओशो गोल्ड मेडलिस्ट हैं ।

150000 किताबों का अध्ययन किये है ।
650 किताबें उनके नाम से प्रकाशित है । बोलने पर इतना नियंत्रण था कि जो बोल दिया वही अंतिम है, वही छपता है । उन्होंने उस में कभी सुधार नहीं किया ।

"माफ़ करना" या "मेरा मतलब ये नहीं था "...आदि शब्दों का कभी भी उपयोग नहीं किया , कोई भी व्यक्ति ओशो से वाद -विवाद नही कर सका । पोप ने कभी उनका चैलेंज स्वीकार नहीं किया । ओशो को गालियां बहुत दी गयी, किन्तु अखंड विश्व में कोई भी व्यक्ति उनसे शास्त्रार्थ करने को राजी नहीं हुआ.

यूरोप के सर्वोच्च न्यायालय ने OSHO ट्रेडमार्क की पुष्टि की

ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन यह घोषित करते हुए अति प्रसन्न है कि यूरोपीय संघ के जनरल कोर्ट ने अब 11 अक्टूबर, 2017 को पुष्टि कर दी है कि “OSHO” एक कानूनी ट्रेडमार्क है जिसका स्वामित्व ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन के पास है।
इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप, ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन ने ओशो के प्रस्ताव और दृष्टि के समर्थन में शामिल सभी ओशो ध्यान केन्द्रों, प्रकाशकों, संस्थाओं और व्यक्तियों के लिए सफलतापूर्वक अपनी पहचान का अभिलेख सुरक्षित कर लिया है।

जवान रहना है तो मौन हो जाओ? –आइंस्‍टीन की क्रांतिकारी खोज

जवान रहना है तो मौन हो जाओ? –आइंस्‍टीन की क्रांतिकारी खोज

अल्‍बर्ट आइंस्टीन ने खोज की और निश्‍चित ही यह सही होगी, क्‍योंकि अंतरिक्ष के बारे में इस व्‍यक्‍ति ने बहुत कठोर परिश्रम किया था। उसकी खोज बहुत गजब की है। उसने स्‍वयं ने कई महीनों तक इस खोज को अपने मन में रखी और विज्ञान जगत को इसकी सूचना नहीं दी क्‍योंकि उसे भय था कि कोई उस पर विश्‍वास नहीं

जवान रहना है तो मौन हो जाओ? –आइंस्‍टीन की क्रांतिकारी खोज

वेदना और विषाद ही अंततः शारीरिक बीमारियों का रूप लेते हैं

वेदना और विषाद

शुरुआत में यूरोप वालों के लिए योग का अर्थ शरीर को खींचने-तानने और ऐंठने-मरोड़ने की एक कठिन भारतीय ‘हिंदू’ कला से ज्यादा नहीं था. ‘हिंदू’ शब्द उसकी व्यापक स्वीकृति और वैज्ञानिक मान्यता में मनोवैज्ञानिक बाधा डालने के लिए कभी-कभार अब भी जोड़ दिया जाता है. विज्ञान के लिए वह सब प्रायः अवैज्ञानिक और अछूत रहा है जिसका आत्मा-परमात्मा जैसी अलौकिक, अभौतिक अवधारणाओं से कुछ भी संबंध हो. जो कुछ अभौतिक है, नापा-तौला नहीं जा सकता, विज्ञान की दृष्टि से उसका अस्तित्व भी नहीं हो सकता. हालांकि महान भौतिकशास्त्री अलबर्ट आइंस्टाइन भी मानते थे कि भौतिकता से परे भी कोई वास्तविकता है.

OSHO Dynamic Meditation Research Study

This is a transcript of the Research Study of OSHO Dynamic Meditation as presented at the Interdisciplinary Social Sciences Conference in Barcelona/Spain in spring, 2012 by Avni Vyas, Ph.D with Krisana Locke and Ali von Stein.
Introduction:
What is Meditation?
How to define the term? Lets have a look at Wikipedia.

सुकरात के सूत्र

सुकरात के सूत्र

सुकरात के सूत्र

एक ईमानदार आदमी हमेशा एक बच्चा होता है।

जहाँ तक मेरा सवाल है , मैं बस इतना जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता।

हर व्यक्ति की आत्मा अमर होती है , लेकिन जो व्यक्ति नेक होते हैं उनकी आत्मा अमर और दिव्य होती है।

शादी या ब्रह्मचर्य , आदमी चाहे जो भी रास्ता चुन ले , उसे बाद में पछताना ही पड़ता है ।

मित्रता करने में धीमे रहिये , पर जब कर लीजिये तो उसे मजबूती से निभाइए और उसपर स्थिर रहिये ।

चाहे जो हो जाये शादी कीजिये . अगर अच्छी पत्नी मिली तो आपकी ज़िन्दगी खुशहाल रहेगी ; अगर बुरी पत्नी मिलेगी तो आप दार्शनिक बन जायेंगे ।

osho tree Jabalpur

The world famous Osho Tree is located at the Bhanvartal garden in Jabalpur. Here is the Maulshree Tree under which Osho got enlightened.

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